रिपोर्ट :- दीपक शर्मा 'कुल्लुवी'
प्राकृतिक दृष्यों से भरपूर कुल्लू जिले के एक सुन्दर से गाँव सैंज की रहने वाली पहाड़ी लोकगीतों की मलिका श्रीमति कमला भारद्धाज किसी भी परिचय की मोहताज़ नहीं है I लम्बी कदकाठी दिलकश आवाज़ और सुन्दरता इनकी पहचान है I इनके पतिदेव श्री गिरधारी लाल जी रिटायर्ड टीचर होने के साथ साथ कुल्लू नाटी के एक लोकप्रिय नर्तक रह चुके हैं और इस उम्र में भी नृत्य करने से पीछे नहीं हटते I
कमला भारद्धाज जी नें समूचे देश में हजारों प्रोग्राम दिए हैं शायद ही देश का कोई ऐसा रडियो स्टेशन छूटा हो जहाँ से इनके सुरीले पहाड़ी लोकगीत न गूंजे हों I कई टी० वी० स्टेशन पर भी इनके प्रोग्राम प्रसारित कर चुके हैं I अब तक कमला भारद्धाज जी अब तक हजारों ईनाम हासिल कर चुकी हैं I इनका घर अवार्डों से भरा हुआ है I इनका तीन तीन पुत्रों,पुत्रबधुओं,पोते,पोतियों से भरा पूरा परिवार है I
हाल ही में में अपने पिता श्री जयदेव 'विद्रोही' व् अपनी धर्मपत्नी 'कुमुद' के साथ कमला भारद्धाज जी का इंटरव्यू लेने इनके गाँव गए थे जहाँ हमारा भरपूर स्वागत हुआ ऊँची पहाड़ी पर स्थित इनका घर खेत खलिहानों सेब के बगीचों से घिरा हुआ है I ठंडी ठंडी हवाएं बातावरण को लुभा रही थी लगभग दो घंटे हम वहां रुके और खूबसूरती का आनंद उठाया I
आज भी उनकी आवाज़ में वोह दम है कि अच्छे अच्छे गायक उनके उनकी दिलकश आवाज़ के क़ायल बन जाएँ I


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